Diesel Movie Review – आज हम बात कर रहे हैं साल 2025 की एक हाई-ऑक्टेन तमिल एक्शन थ्रिलर फ़िल्म “डीज़ल” की, जिसका शोर दक्षिण से निकलकर पूरे देश में (हिंदी डबिंग के ज़रिए) सुनाई दे रहा है। फ़िल्म का नाम भले ही ‘डीज़ल’ हो, पर इसकी कहानी सिर्फ़ तेल और गाड़ियों तक सीमित नहीं है। यह उन लोगों की कहानी है जिनकी ज़िंदगी तेल के काले धंधे की भेंट चढ़ गई है।

Diesel Movie Review
कहानी: तेल की पाइपलाइन, जो गाँव के सीने से गुज़रती है
फ़िल्म की पृष्ठभूमि बेहद ख़ास है। यह चेन्नई और एन्नोर बंदरगाह को जोड़ने वाली एक 17 किलोमीटर लंबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे दशकों पहले गाँव वालों के विरोध के बावजूद ज़बरदस्ती बिछाया गया था।
- वसदेवन् ‘डीज़ल वासु’ (Harish Kalyan): वासु एक केमिकल इंजीनियर है, जो अपने गोद लिए पिता (मनोहरन) के अवैध तेल के धंधे को संभालता है। ख़ास बात यह है कि वह इस काले पैसे का इस्तेमाल झुग्गी-झोपड़ी और मछुआरा समुदाय के कल्याण के लिए करता है। यानी, एक डाकू जो ग़रीबों का मसीहा है।
- टक्कर: वासु की राह में दो बड़े ख़तरे हैं पहला भ्रष्ट पुलिस अफ़सर डीसीपी मयवेल (विनय राय) और दूसरा है बालमुरुगन (विवेक प्रसन्ना), जो मिलावटी तेल बेचकर पूरे शहर को बर्बाद कर रहा है।
- बड़ा षड्यंत्र: यह लड़ाई जल्द ही एक राष्ट्रीय स्तर के षड्यंत्र में बदल जाती है। एक बड़ा सिंडिकेट (पठान) तेल चुराकर, समुदाय की ज़मीन हड़पकर, अपना निजी बंदरगाह (Private Harbour) बनाना चाहता है। वासु की लड़ाई अब अपने धंधे के लिए नहीं, बल्कि अपने लोगों को बचाने और इस पाइपलाइन को हमेशा के लिए हटाने की बन जाती है।
यह कहानी दिखाती है कि कैसे तेल, राजनीति, और आम आदमी का जीवन आपस में उलझते हैं।
परफॉर्मेंस: किसमें कितना ‘डीज़ल’ है?
- हरीश कल्याण (वासु): एक जटिल और एक्शन से भरे रोल में हरीश ने कमाल का काम किया है। आलोचकों ने भी उनकी ऊर्जा और स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ़ की है। उन्होंने फ़िल्म को अपने कंधों पर उठाया है।
- विनय राय (डीसीपी मयवेल): विलेन के तौर पर उनकी परफॉर्मेंस दमदार रही है। एक सख्त और भ्रष्ट अफ़सर के रूप में वह वासु को कड़ी टक्कर देते हैं।
- बाकी कलाकार: अतुल्या रवि और पी. साई कुमार समेत बाकी सहायक कलाकारों ने भी कहानी को मजबूती दी है।
तकनीकी और रिलीज़ से जुड़ी बातें
- निर्देशक: यह फ़िल्म शानमुघम मुथुसामी के निर्देशन में बनी पहली फ़िल्म है।
- संगीत: धिबू नीनान थॉमस का संगीत फ़िल्म की जान है। ख़ासकर उनके हाई-एनर्जी ट्रैक (जैसे ‘King Diesel’) माहौल को ज़बरदस्त बनाते हैं।
- रिलीज़: यह फ़िल्म 17 अक्टूबर 2025 को दिवाली के मौके पर रिलीज़ हुई है। यह तमिल के साथ-साथ हिंदी और तेलुगु में भी डब की गई है।
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मेरा फ़ैसला: क्या यह फ़िल्म देखने लायक है?
“डीज़ल” का आइडिया (कच्चे तेल की चोरी और मछुआरा समुदाय का संघर्ष) बहुत ज़बरदस्त और विस्फोटक था। यह फ़िल्म आपको एक नई और गंभीर कहानी से जोड़ती है।
कई समीक्षकों ने माना कि फ़िल्म अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाई प्लॉट में बहुत सारे उलझे हुए विचार आ गए, और एग्जीक्यूशन (प्रस्तुतीकरण) कहीं-कहीं कमज़ोर रहा।
अगर आप एक सामाजिक मुद्दे पर बनी एक्शन थ्रिलर देखना चाहते हैं, जहाँ हीरो सिस्टम से अकेले लड़ता है, तो आप इसे हरीश कल्याण की दमदार परफॉर्मेंस के लिए एक मौका दे सकते हैं।
फाइनल वर्ज़न: यह एक गंभीर विषय पर बनी एक्शन फ़िल्म है, जो अच्छी कास्टिंग के बावजूद, थोड़ी उलझी हुई रह गई।