Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri Movie Review – बॉलीवुड की दुनिया में रोमांस की कहानियाँ अक्सर ‘हैप्पी एंडिंग’ पर खत्म हो जाती हैं, लेकिन क्या असल जिंदगी इतनी आसान होती है? साल 2025 की चर्चित फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ इसी उलझन को बड़े पर्दे पर उतारती है। धर्मा प्रोडक्शंस की यह फिल्म सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि आज की पीढ़ी के करियर और रिश्तों के बीच के संघर्ष का आईना है।

Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri Movie Review
कहानी: जब दिल और जिम्मेदारी टकराते हैं
फिल्म की शुरुआत हमें रेहान (Kartik Aaryan) और रूमी (अनन्या पांडे) की दुनिया में ले जाती है। रेहान एक ‘फ्री-स्पिरिटेड’ वेडिंग प्लानर है जो दुनिया घूमना चाहता है, वहीं रूमी एक ऐसी लेखिका है जिसकी जड़ें उसके शहर और उसके पिता (जैकी श्रॉफ) से जुड़ी हैं।
इन दोनों की प्रेम कहानी क्रोएशिया की वादियों में शुरू तो बड़े फिल्मी अंदाज में होती है, लेकिन जैसे ही कहानी हकीकत की जमीन (भारत) पर उतरती है, सवाल शुरू हो जाते हैं। फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष वह मोड़ है जब दर्शकों को सोचना पड़ता है-“क्या प्यार का मतलब हमेशा समझौता करना ही होता है?”
किरदारों की गहराई: क्या उन्होंने दिल जीता?
- कार्तिक आर्यन: कार्तिक ने अपनी पुरानी ‘चॉकलेटी बॉय’ वाली छवि से थोड़ा हटकर एक परिपक्व अभिनय किया है। खास तौर पर इमोशनल सीन्स में उनकी आंखों की नमी दर्शकों को जोड़ने में कामयाब रहती है।
- अनन्या पांडे: अनन्या ने साबित किया है कि वह केवल ग्लैमरस भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं। एक बेटी के रूप में उनकी बेबसी और एक प्रेमिका के रूप में उनकी हिम्मत काबिले तारीफ है।
- सपोर्टिंग कास्ट: जैकी श्रॉफ ने बिना ज्यादा बोले अपनी खामोशी से एक पिता के अकेलेपन को महसूस कराया है। नीना गुप्ता फिल्म में ताजगी का झोंका बनकर आती हैं।
क्यों देखें यह फिल्म?
- रियलिस्टिक अप्रोच: यह फिल्म ‘लव एट फर्स्ट साइट’ से आगे बढ़कर उन समस्याओं पर बात करती है जिनसे आज के कपल्स रोजाना जूझते हैं।
- मधुर संगीत: विशाल-शेखर ने ऐसे गाने दिए हैं जो फिल्म खत्म होने के बाद भी आपके कान में गूंजते रहेंगे। “वो पहली मुलाक़ात” गाना हर किसी की प्लेलिस्ट का हिस्सा बन सकता है।
- सिनेमैटोग्राफी: फिल्म के विजुअल्स इतने शानदार हैं कि आपको क्रोएशिया की सड़कों और आगरा की गलियों से प्यार हो जाएगा।
कुछ बातें जो खटक सकती हैं
फिल्म का स्क्रीनप्ले कभी-कभी थोड़ा धीमा पड़ जाता है। बीच-बीच में कुछ कॉमेडी सीन्स जबरदस्ती डाले हुए लगते हैं जो फिल्म की गंभीरता को कम कर देते हैं। अगर फिल्म की एडिटिंग थोड़ी और चुस्त होती, तो यह एक मास्टरपीस बन सकती थी।
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हमारा फैसला (Final Verdict)
‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ एक ऐसी फिल्म है जिसे आप अपने परिवार या पार्टनर के साथ बैठकर आराम से देख सकते हैं। यह आपको हंसाएगी, शायद थोड़ा रुलाएगी भी, और अंत में एक गहरे विचार के साथ छोड़ जाएगी।
प्रो टिप: अगर आप इमोशनल फिल्में पसंद करते हैं, तो अपने साथ टिशू पेपर रखना न भूलें!