Vrusshabha Movie Review – साल 2025 की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक, ‘वृषभ’, आखिरकार बड़े पर्दे पर आ गई है। जब भी मोहनलाल जैसे दिग्गज कलाकार का नाम किसी प्रोजेक्ट से जुड़ता है, तो उम्मीदें आसमान छूने लगती हैं। लेकिन क्या यह फिल्म उन उम्मीदों पर खरी उतरी? चलिए गहराई से समझते हैं।

Vrusshabha Movie Review
एक ऐसी कहानी जो सुनी-सुनाई लगती है
‘वृषभ’ की कहानी हमें दो अलग-अलग कालखंडों में ले जाती है। एक तरफ प्राचीन भव्य साम्राज्य ‘त्रिलिंग’ है, जहाँ राजा विजयेंद्र वृषभ (मोहनलाल) का राज है, और दूसरी तरफ आज का आधुनिक दौर। फिल्म का मुख्य प्लॉट ‘पुनर्जन्म’ और एक पिता-पुत्र के बीच के गहरे संघर्ष पर टिका है।
ईमानदारी से कहें तो, कहानी में नयापन बहुत कम है। हमने पुनर्जन्म और बदले की ऐसी कई कहानियाँ पहले भी देखी हैं। लेखक और निर्देशक नंदा किशोर ने इसे भव्य बनाने की कोशिश तो की, लेकिन पटकथा (Screenplay) में वह कसावट नहीं दिखी जो दर्शक को अपनी कुर्सी से चिपकाए रखे।
अभिनय: जहाँ अनुभव भारी पड़ा
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत और एकमात्र वजह इसे देखने की, खुद मोहनलाल (Mohanlal) हैं। उनकी उम्र चाहे जो भी हो, पर्दे पर आते ही जो ऊर्जा वह पैदा करते हैं, वह अद्भुत है। एक योद्धा राजा के रूप में उनकी गंभीरता और आज के दौर के पिता के रूप में उनका दर्द, दोनों ही भावों को उन्होंने बखूबी जिया है।
वहीं, डेब्यू कर रहे समरजीत लंकेश ने अपनी ओर से पूरी कोशिश की है। एक्शन दृश्यों में वे जचते हैं, लेकिन जब बात मोहनलाल के सामने खड़े होकर इमोशनल सीन देने की आती है, तो वहां अनुभव की कमी साफ झलकती है। बाकी कलाकारों के पास करने के लिए कुछ खास नहीं था।
तकनीकी पक्ष: ऊँची दुकान, फीका पकवान?
- संगीत: सैम सी.एस. का म्यूजिक फिल्म की जान है। बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के माहौल को गंभीर और भव्य बनाने में मदद करता है।
- एक्शन: अगर आप एक्शन प्रेमी हैं, तो आपको निराशा नहीं होगी। पीटर हेन के स्टंट्स काफी प्रभावशाली हैं।
- VFX और निर्देशन: यहाँ फिल्म थोड़ी मार खा जाती है। आज के समय में जब दर्शक ‘कल्कि’ या ‘बाहुबली’ जैसी फिल्में देख चुके हैं, वहां ‘वृषभ’ के कुछ ग्राफिक्स काफी बनावटी (Fake) लगते हैं। निर्देशन में वो विजन गायब दिखा जो एक महाकाव्य जैसी फिल्म के लिए जरूरी होता है।
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मेरा नजरिया: देखें या न देखें?
किसे देखनी चाहिए? यदि आप मोहनलाल के ‘डाई-हार्ड’ फैन हैं और उन्हें स्क्रीन पर एक्शन करते हुए देखना पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक बार देखने लायक (One-time watch) है।
किसे छोड़ देनी चाहिए? अगर आप एक ऐसी फिल्म की तलाश में हैं जिसमें कुछ अनोखी कहानी हो या बहुत ही उच्च स्तर का वीएफएक्स हो, तो शायद आप निराश होकर लौटेंगे। फिल्म अपनी ही भव्यता में कहीं खो गई है और भावनाओं से जुड़ने में थोड़ी असफल रहती है।
रेटिंग: ⭐⭐½ (2.5/5)