45 Movie Review – जब किसी फिल्म के पोस्टर पर शिव राजकुमार, उपेंद्र और राज बी. शेट्टी जैसे तीन दिग्गज एक साथ दिखें, तो सिनेप्रेमियों का दिल धड़कना लाजमी है। संगीत की दुनिया से निर्देशन की कुर्सी तक का सफर तय करने वाले अर्जुन जन्या ने अपनी फिल्म ’45’ के जरिए एक ऐसी दुनिया रचने की कोशिश की है जो जितनी काल्पनिक है, उतनी ही दार्शनिक भी।

आइए जानते हैं, क्या यह फिल्म वाकई पर्दे पर जादू बिखेर पाई?
45 Movie Review
कहानी का ताना-बना: मौत और कर्म की उलझन
फिल्म की कहानी किसी आम ‘मसाला मूवी’ जैसी नहीं है। यह कहानी है विनय (राज बी. शेट्टी) की, जो एक डरपोक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उसकी जिंदगी में भूचाल तब आता है जब एक हादसे के बाद उसका सामना रयप्पा (उपेंद्र) से होता है। रयप्पा उसे एक खौफनाक अल्टिमेटम देता है – मौत के लिए 45 दिन का इंतजार!
यहीं से शुरू होता है जीवन, मृत्यु और ‘गरुड़ पुराण’ की गहराइयों का सफर। इस सफर में विनय का साथ देते हैं शिवप्पा (शिव राजकुमार)। यह 45 दिनों की उल्टी गिनती सिर्फ जान बचाने की नहीं, बल्कि अपने कर्मों को सुधारने की यात्रा बन जाती है।
जो दिल जीत लेगा (खूबियां)
- स्टार पावर का सही इस्तेमाल: अक्सर मल्टी-स्टारर फिल्मों में किसी एक का रोल छोटा रह जाता है, लेकिन अर्जुन जन्या ने तीनों सुपरस्टार्स को बराबरी का सम्मान दिया है। शिवन्ना का स्क्रीन प्रेजेंस, उपेंद्र (Upendra) का रहस्यमयी अंदाज़ और राज बी. शेट्टी की बेहतरीन एक्टिंग आपको कुर्सी से बांधे रखती है।
- हटके विषय: आज के दौर में जब हर दूसरी फिल्म गैंगवार या क्राइम पर आधारित है, ’45’ जीवन-मृत्यु और कर्म (Karma) जैसे गहरे विषयों को साहस के साथ उठाती है।
- रूह को छूने वाला संगीत: संगीतकार से निर्देशक बने अर्जुन जन्या ने साबित कर दिया कि वह साउंड के साथ खेलना जानते हैं। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर सीन की गंभीरता को दोगुना कर देता है।
जहां थोड़ी निराशा हुई (कमियां)
- धीमी रफ्तार: फिल्म का दूसरा हिस्सा (Second Half) थोड़ा खिंचा हुआ महसूस होता है। दार्शनिक संवाद कभी-कभी इतने लंबे हो जाते हैं कि कहानी की रफ्तार सुस्त पड़ जाती है।
- कमजोर विजुअल इफेक्ट्स: एक बड़े बजट की फिल्म होने के नाते, इसके VFX से काफी उम्मीदें थीं। अफसोस कि कई जगहों पर ग्राफिक्स नकली लगते हैं, जिससे फिल्म के काल्पनिक संसार का अनुभव थोड़ा फीका पड़ जाता है।
बॉक्स ऑफिस का हाल
2025 के आखिर में रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले हफ्ते में अच्छी पकड़ बनाई। हालांकि, क्रिटिक्स के मिले-जुले रुझान की वजह से यह फिल्म ‘ब्लॉकबस्टर’ की कैटेगरी में तो नहीं आ पाई, लेकिन अपनी यूनिक कहानी की वजह से चर्चा का विषय जरूर बनी हुई है।
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हमारा फैसला: देखें या नहीं?
अगर आप उन लोगों में से हैं जो लीक से हटकर फिल्में पसंद करते हैं और सुपरस्टार्स की भिड़ंत देखना चाहते हैं, तो ’45’ आपके लिए एक अच्छी फिल्म है। यह फिल्म शायद हर किसी के गले न उतरे, लेकिन यह एक साहसी प्रयास है जिसे सराहा जाना चाहिए।
रेटिंग: 3/5 ⭐
प्रो टिप: फिल्म देखते समय इसके संवादों पर गौर करें, खासकर राज बी. शेट्टी और उपेंद्र के बीच के दृश्य, जो आपको काफी कुछ सोचने पर मजबूर कर देंगे।