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Krantijyoti Vidyalay Marathi Madhyam Movie Review: क्या बंद हो जाएंगे मराठी माध्यम के स्कूल? एक झकझोर देने वाली कहानी

Krantijyoti Vidyalay Marathi Madhyam Movie Review – आज जब हम अपने बच्चों के भविष्य की बात करते हैं, तो सबसे पहले दिमाग में बड़े ‘इंटरनेशनल स्कूल’ और ‘इंग्लिश मीडियम’ का नाम आता है। लेकिन इस चमक-धमक के बीच हमारी अपनी भाषा के स्कूल कहीं खोते जा रहे हैं। मराठी फिल्म ‘क्रांतिज्योति विद्यालय’ इसी कड़वे सच को बड़े ही भावुक और प्रभावी ढंग से पर्दे पर उतारती है।

Krantijyoti Vidyalay Marathi Madhyam Movie Review

एक स्कूल जो सिर्फ इमारत नहीं, ‘सांस’ है

फिल्म की शुरुआत हमें एक पुराने, शांत लेकिन गरिमापूर्ण ‘क्रांतिज्योति विद्यालय’ में ले जाती है। यह स्कूल कभी इलाके की शान हुआ करता था, लेकिन आज यहाँ छात्रों की संख्या घट रही है। वजह वही है – अंग्रेजी बोलने का बढ़ता शौक और मराठी माध्यम के प्रति घटता आकर्षण।

कहानी हमें उन शिक्षकों के दर्द से रूबरू कराती है जिन्होंने अपना पूरा जीवन बच्चों को गढ़ने में लगा दिया, और अब उन्हें डर है कि उनका यह मंदिर (स्कूल) एक बिल्डर के हाथों की कठपुतली बन जाएगा।

अभिनय जिसने दिल जीत लिया

इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके कलाकार हैं।

फिल्म की कुछ दिल छू लेने वाली बातें

इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी ईमानदारी में झलकती है; यह कहीं भी बनावटी या फिल्मी नहीं लगती, बल्कि पर्दे पर बिल्कुल वैसी ही नजर आती है जैसी हमारी असल जिंदगी और उसके संघर्ष होते हैं। फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर कहानी की गंभीरता को और भी गहराई देता है, जो दर्शकों को भावुक रूप से जोड़े रखने में मदद करता है। इन सबसे ऊपर, यह फिल्म एक बहुत ही जरूरी मैसेज छोड़ जाती है जो हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या वाकई सिर्फ भाषा बदल लेने से इंसान का ज्ञान बढ़ जाता है, या फिर असली शिक्षा हमारी अपनी जड़ों और मातृभाषा में ही छिपी है।

मेरा निजी अनुभव (Personal Take)

फिल्म देखते समय एक पल ऐसा आता है जब आप सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि क्या हम अपनी जड़ों को काटकर वाकई तरक्की कर रहे हैं? फिल्म का निर्देशन इतना सधा हुआ है कि आप अंत तक अपनी कुर्सी से बंधे रहते हैं। हालांकि, फिल्म का दूसरा भाग थोड़ा धीमा है, लेकिन इसकी गहराई उस सुस्ती को महसूस नहीं होने देती।

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आपको यह फिल्म क्यों देखनी चाहिए?

  1. अगर आप अपनी मातृभाषा से प्यार करते हैं।
  2. अगर आप शिक्षा के निजीकरण और बढ़ती फीस से परेशान हैं।
  3. अगर आप एक ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जो दिमाग के साथ-साथ दिल पर भी असर करे।

निष्कर्ष

क्रांतिज्योति विद्यालय (मराठी माध्यम) केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक ‘अलार्म’ है जो हमें अपनी संस्कृति और शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए जगाती है। यह फिल्म बताती है कि शिक्षा का असली उद्देश्य संस्कार देना है, न कि सिर्फ एक विदेशी भाषा सिखाना।

मेरी रेटिंग: 4/5 स्टार ⭐⭐⭐⭐

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