Raat Akeli Hai – The Bansal Murders Review: फिल्मों में अक्सर मर्डर मिस्ट्री को सिर्फ ‘कातिल कौन है?’ तक सीमित रखा जाता है, लेकिन नेटफ्लिक्स की ‘रात अकेली है’ इससे कहीं आगे निकलती है। यह फिल्म एक मरे हुए आदमी की कहानी नहीं, बल्कि उन लोगों की कहानी है जो जिंदा तो हैं पर जिनके अंदर बहुत कुछ मर चुका है।
Raat Akeli Hai – The Bansal Murders Review
एक साधारण पुलिसवाला और एक असाधारण केस
कहानी शुरू होती है जटिल यादव (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) से। जटिल कोई सुपरकॉप नहीं है; वह एक ऐसा इंसान है जो अपनी लुक्स को लेकर थोड़ा इनसिक्योर है, अपनी मां की टोक-टाक से परेशान है, लेकिन जब बात ड्यूटी की आती है, तो वह किसी की नहीं सुनता।
केस है रघुवीर सिंह बंसल की हत्या का, जो अपने ही बेडरूम में मृत पाए जाते हैं। शक की सुई पूरे परिवार पर है, क्योंकि उस घर में प्यार कम और जायदाद का लालच ज्यादा है।
किरदारों की परतें: कौन सच बोल रहा है?
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके पात्र हैं।
- राधा (Radhika Apte): वह इस फिल्म की जान हैं। उनका किरदार डरा हुआ भी है और निडर भी। वह एक ऐसी महिला हैं जिसे समाज ने हमेशा ‘गलत’ नजरों से देखा, लेकिन उसकी सच्चाई कुछ और ही है।
- बंसल परिवार: यह परिवार एक ऐसे पिंजरे की तरह है जहाँ हर कोई एक-दूसरे का गला काटने को तैयार है। आदित्य श्रीवास्तव (सीआईडी फेम अभिजीत) ने भी एक भ्रष्ट नेता के रूप में शानदार छाप छोड़ी है।
इस फिल्म को खास बनाने वाली 3 बातें
- देसी मिस्ट्री का तड़का: हॉलीवुड की मर्डर मिस्ट्री साफ-सुथरी होती हैं, लेकिन यहाँ ‘रात अकेली है’ में आपको यूपी की गलियों की मिट्टी, पसीना और वहां का रुतबा देखने को मिलता है।
- सिर्फ खून-खराबा नहीं, जज्बात भी: फिल्म मर्डर के बहाने हमारे समाज के कड़वे सच जैसे—घर के अंदर होने वाले शोषण और पितृसत्ता पर गहरी चोट करती है।
- संगीत और छायांकन: फिल्म के गहरे रंग और बैकग्राउंड म्यूजिक एक ऐसा सस्पेंस पैदा करते हैं कि आप पलक झपकना भूल जाते हैं।
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मेरा नजरिया: आपको यह क्यों देखनी चाहिए?
अक्सर थ्रिलर फिल्में अंत में आकर कमज़ोर पड़ जाती हैं, लेकिन यहाँ डायरेक्टर हनी त्रेहान ने अंत तक सस्पेंस को कसकर पकड़े रखा है। यह फिल्म हमें याद दिलाती है कि कभी-कभी सबसे बड़ा अपराधी वह नहीं होता जो गोली चलाता है, बल्कि वह होता है जो जुल्म होते हुए देखता रहता है।
प्रो टिप: फिल्म को देखते वक्त छोटी-छोटी बारीकियों पर ध्यान दें, क्योंकि असली कातिल आपकी आंखों के सामने ही होता है, बस हम उसे देख नहीं पाते।
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