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Mass Jathara Movie Review: क्यों यह फिल्म सिर्फ फैंस को पसंद आएगी?

Mass Jathara Movie Review – जब भी रवि तेजा की कोई नई फिल्म रिलीज़ होती है, तो सिनेमाघरों में एक अलग ही तरह का उत्साह छा जाता है फैंस को एक ज़ोरदार ‘जथारा’ (उत्सव) का इंतज़ार रहता है। ‘मास जथारा’ नाम भी कुछ ऐसा ही वादा करता है, लेकिन क्या डायरेक्टर भानु भोगवरपू की यह डेब्यू फिल्म, अपने स्टार की पुरानी चमक को फिर से वापस ला पाई है?

Mass Jathara Movie Review

कहानी: वही पुरानी किताब, नए कवर में

फिल्म की कहानी बहुत सीधी-सादी है, इतनी सीधी कि आप इसे देखकर तुरंत समझ जाएंगे कि आगे क्या होने वाला है। लक्ष्मण भेरी (Ravi Teja) एक रेलवे पुलिस वाला है, जो अपनी ड्यूटी को लेकर भले ही ईमानदार हो, पर ज़िन्दगी में थोड़ा ‘कमज़ोर’ माना जाता है। जब उसका तबादला एक ऐसे सुनसान इलाके में होता है जहाँ गांजा माफिया का राज है, तो उसकी असली जंग शुरू होती है।

विलेन शिवुडू (नवीन चंद्रा) है, जो अपने इलाके का बेताज बादशाह है। बस, फिर क्या? एक नियमबद्ध पुलिसिया एक्शन ड्रामा शुरू हो जाता है।

सकारात्मक पहलू: जहाँ फिल्म साँस लेती है

नकारात्मक पहलू: कहाँ चूक गई फिल्म?

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अंतिम फैसला: क्या इसे देखना चाहिए?

‘मास जथारा’ एक ‘फास्ट फूड’ सिनेमा है देखने में चटपटा, लेकिन पौष्टिक नहीं। यह एक ऐसा फार्मूला है जिसे कई बार आजमाया जा चुका है और ‘मास जथारा’ इसे ताज़ा करने में नाकाम रहती है।

अगर आप रवि तेजा के अंधभक्त हैं और बस उनकी एक्टिंग और धमाकेदार एक्शन देखने थिएटर जाना चाहते हैं, तो जाइए, आप निराश नहीं होंगे। लेकिन अगर आप कहानी, निर्देशन या किसी नई स्क्रिप्ट की उम्मीद लेकर जाएंगे, तो यह जथारा आपको थका देगी।

रेटिंग: 2.5/5 स्टार ⭐⭐

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