Taskaree: The Smuggler’s Web Review – आजकल ओटीटी (OTT) पर हर दूसरी सीरीज खून-खराबे और गोलियों की आवाज से भरी होती है। लेकिन, नीरज पांडे जब भी कुछ लाते हैं, तो वह दिमाग की कसरत ज्यादा होती है। उनकी नई पेशकश ‘Taskaree: The Smuggler’s Web’ इसी सिलसिले की अगली कड़ी है।
यह सीरीज केवल ‘स्मगलिंग’ की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के बीच की शतरंज की बिसात है जो कानून को अपनी जेब में रखते हैं और वे जो कानून की गरिमा बचाते हैं।
Taskaree: The Smuggler’s Web Review
कहानी की रूह: सूटकेस के पीछे का सच
अक्सर हमें लगता है कि तस्करी का मतलब सिर्फ ड्रग्स या सोना है, लेकिन यह सीरीज एक नया नजरिया देती है। कहानी हमें मुंबई एयरपोर्ट के उन गुप्त रास्तों और ‘कस्टम डिपार्टमेंट’ के उन अंधेरे कमरों में ले जाती है, जहाँ आम आदमी की नजर नहीं पहुँचती।
अर्जुन मीना (Emraan Hashmi) यहाँ एक ऐसे अफसर के रूप में हैं जो चिल्लाता नहीं है, बल्कि अपनी आँखों और दिमाग से अपराधियों को मात देता है। उनके सामने है शरद केलकर (बड़ा चौधरी), जिसका किरदार इतना शांत है कि वह और भी डरावना लगने लगता है। यह सीरीज दिखाती है कि कैसे एक छोटा सा ‘नेटवर्क’ पूरे देश की इकोनॉमी को दीमक की तरह चाट सकता है।
इस सीरीज को क्या खास बनाता है?
- इंसानी जज्बात और ड्यूटी की जंग: सीरीज में सिर्फ केस सॉल्व करना नहीं दिखाया गया, बल्कि यह भी दिखाया गया है कि एक ईमानदार अफसर को सिस्टम के भीतर किन मानसिक दबावों से गुजरना पड़ता है।
- ग्लोबल स्केल: कहानी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहती। यह बैंकॉक की तंग गलियों से लेकर मिलान (Italy) के आलीशान दफ्तरों तक फैलती है, जो इसे एक अंतरराष्ट्रीय थ्रिलर का अहसास देती है।
- बारीकियों पर ध्यान: एयरपोर्ट पर चेकिंग कैसे होती है, ‘कूरियर’ कैसे बदले जाते हैं, और कैसे डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल तस्करी के लिए होता है—इन सब चीजों को बहुत ही रियलिस्टिक तरीके से पेश किया गया है।
एक ईमानदार नजरिया (My Take)
अगर आप ऐसी सीरीज ढूंढ रहे हैं जहाँ हर 2 मिनट में बम धमाका हो, तो शायद यह आपको थोड़ी धीमी लगे। यह सीरीज उन लोगों के लिए है जिन्हें ‘स्लो-बर्न’ (धीरे-धीरे पकने वाली) कहानियां पसंद हैं। इसकी असली ताकत इसके किरदार और उनके बीच होने वाले डायलॉग्स हैं।
खास बात: इमरान हाशमी का अभिनय अब एक अलग ही लेवल पर पहुँच गया है। उन्होंने साबित कर दिया है कि वह एक परिपक्व (Mature) अभिनेता बन चुके हैं।
क्विक गाइड: क्या आपको यह देखनी चाहिए?
अगर आप सोच रहे हैं कि यह सीरीज आपके समय के लायक है या नहीं, तो इसके बारे में कुछ बातें जान लेना बेहतर होगा। सबसे अच्छी बात यह है कि “Taskaree” में बेवजह की हिंसा या खून-खराबा नहीं भरा गया है, बल्कि यह पूरी तरह से दिमागी खेल और ‘माइंड गेम्स’ पर आधारित एक सस्पेंस ड्रामा है। अगर आप इसे परिवार के साथ देखने का मन बना रहे हैं, तो कुछ मामूली दृश्यों को छोड़कर यह एक साफ-सुथरा और दिलचस्प थ्रिलर है जिसे साथ बैठकर एन्जॉय किया जा सकता है। रही बात समय की, तो इसके कुल 8 एपिसोड्स इतने बांधे रखने वाले हैं कि आप एक ही वीकेंड में पूरी सीरीज बड़े आराम से खत्म कर सकते हैं।
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निष्कर्ष
Taskaree: The Smuggler’s Web एक ऐसी सीरीज है जो मनोरंजन के साथ-साथ आपको जागरूक भी करती है। यह हमें याद दिलाती है कि हमारे देश की सीमाओं और एयरपोर्ट्स पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो चुपचाप अपनी जान जोखिम में डालकर ‘आर्थिक युद्ध’ लड़ रहे हैं।
